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कॉलेज में वाद- विवाद प्रतियोगिता का आयोजन

डी ए वी शताब्दी महाविद्यालय एन. एच. 3. एन.आई. टी. फरीदाबाद में महाविद्यालय के "डिबैटिंग सोसाइटी " द्वारा 22 सितंबर 2023 को महाविद्यालय में विभिन्न मुद्दों को लेकर एक वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय के IQAC हॉल में आयोजित किया गया | कार्यक्रम के संयोजक डॉ नीरज सिंह ने बताया कि इस बार हमने कुछ अलग से विषय के रखे हैं जिनमें छात्र छत्राओं की रुचि होती है और जिससे कि वाद विवाद ज्ञानवर्धक और रुचिकर दोनों हो सके | दिए गए विषय कुछ इस प्रकार थे , चैट जी.पी.टी. मानव के रोजगार खत्म कर देगा , क्रिप्टो करेंसी के केवल नुकसान हैं, मोबाइल फोन के इस्तेमाल के नुकसान इसके फ़ायदों से अधिक हैं,तथा फास्ट फूड और कार्बोनेटेड ड्रिंक्स पर शिक्षण संस्थानों में रोक लगनी चाहिए ।
इन विषयों पर महाविद्यालय के सभी विभागों से काफी उत्साहवर्धक भागीदारी देखने को मिली और कुल 46 प्रतिभागियों ने विभिन्न विषयों के पक्ष और विपक्ष में अपने ज्वलंत विचार रखे | इन विषयों को लेकर छात्र -छात्राओं में काफी जोश और जिज्ञासा देखने को मिली। पक्ष तथा विपक्ष में अलग- अलग परिणाम घोषित किए गए। परिणाम कुछ इस प्रकार रहे:-

प्रथम स्थान पर : पक्ष : एम.ए. इंग्लिश विभाग से अमर, विपक्ष :- पत्रकारिता विभाग से जिया।
द्वितीय स्थान पर: पक्ष :- कॉमर्स विभाग से दिशा, विपक्ष :- प्रबंधन विभाग से चंद्रप्रकाश , तथा
तृतीय स्थान पर: पक्ष :- पर्यटन विभाग से तुषार और विपक्ष :- बी. ए. से तनिष्का।

इसके अतिरिक्त तीन सांत्वना पुरस्कार भी घोषित किये गये, जिसमे प्रबंधन विभाग से खुशी बर्मन और रिद्धि द्विवेदी तथा कॉमर्स विभाग से अनु कुमारी। महाविद्यालय की कार्यकारी प्राचार्या मोहदया डॉ सविता भगत ने इस प्रतियोगिता में उपस्थित रहीं और उन्होंने छात्र- छात्राओं को संबोधित किया तथा उनका उत्साहवर्धन किया| उन्होंने अपने संदेश में कहा कि वाद - विवाद प्रतियोगिता का छात्र जीवन में बहुत महत्व है और छात्र जीवन में ही इस विद्या के द्वारा अपनी बात को सशक्त तरीके से रखने की कला सीखना बहुत आवश्यक है| कार्यक्रम के संयोजक डॉ नीरज सिंह ने यह भी बताया कि इस पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा बनाने से लेकर मंच संचालन भी उनके डिबेटिंग सोसाइटी के छात्र छात्राओं ने ही किया जिसमे बीकॉम ऑनर्स से दिव्या , बीकॉम से ही राजनंदिनी , बीसीए से पंकज और पत्रकारिता विभाग से जिया प्रमुख भूमिका में रहे तथा निर्णायक की भूमिका में डॉ नीरज सिंह तथा उनके साथ अर्थशास्त्र विभाग से डॉ सुमन तनेजा रहीं।