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बौद्धिक संपदा अधिकार

आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने पर भारत सरकार द्वारा मनाए जा रहे आज़ादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत दिनांक 10 मई 2022 को भारत सरकार के राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा जागरूकता मिशन एवं डी ए वी शताब्दी महाविद्यालय फरीदाबाद के संयुक्त तत्त्वाधान में बौद्धिक संपदा अधिकार विषय को लेकर एक वेबिनार का आयोजन किया गया। इस वेबिनार का उद्देश्य भारत में एक गतिशीलए उत्‍साहपूर्ण तथा संतुलित बौद्धिक संपदा अधिकार व्‍यवस्‍था को प्रोत्‍साहित करना रहा ताकि रचनात्‍मकता तथा अभिनवीकरण को पोषित किया जा सकेए जिससे उद्यमिता प्रोत्‍साहित हो तथा सामाजिक आर्थिक और सांस्‍कृतिक विकास में बढ़ोतरी हो और महत्‍वपूर्ण सामाजिकए आर्थिक तथा प्रौद्योगिकीय महत्‍व के महत्‍वपूर्ण क्षेत्रों के साथ साथ चिकित्‍सा व्‍यवस्‍थाए खाद्य सुरक्षा तथा पर्यावरणीय संरक्षण तक पहुंच को बढ़ाने पर ध्‍यान केंद्रित किया जा सके। इस विषय मे जागरूकता को लेकर ही शिक्षकों तथा विद्यार्थियों के लिए इस वेबिनार का आयोजन किया गया। इस वेबिनार की मुख्य वक्ता मैडम वर्षा पेटेंट और डिजाइन परीक्षक आई पी ओ एवाणिज्य और उद्योग मंत्रालय भारत सरकार रहीं। मैडम वर्षा ने छात्रों को बौद्धिक संपदा अधिकार के छह प्रकार कॉपीराइट ट्रेडमार्क ट्रेड सीक्रेट इंडस्ट्रियल डिजाइन पेटर्न्स व भौगोलिक संकेतक टैग के विषय में विस्तार पूर्वक बताया। उन्होंने कहा कि विभिन्न देशों में इस अधिकार के संबंध में अलग अलग प्रावधान हो सकते हैं।उन्होंने कोका कोला कंपनी का उदाहरण देकर बताया कि उस कंपनी का नाम और लिखावट ट्रेडमार्क अधिकार के तहत संरक्षित है फलस्वरूप कोई भी अन्य व्यक्ति या कंपनी इन का प्रयोग नहीं कर सकता।साथ ही उन्होंने छात्रों को बताया कि जीआई टैग के कारण किसी उत्पाद का आर्थिक महत्व बढ़ जाता है। वेबिनार की अध्यक्षता महाविद्यालय की कार्यकारी प्राचार्या डॉ सविता भगत ने की। उन्होंने सभी को संबोधित करते हुए आई पी आर के उद्देश्यों एवं महत्व से अवगत कराया।